05 October 2014

इस चेहरे पर जीवन भर की कमाई दिखती है

इस चेहरे पर जीवन भर की कमाई दिखती है
पहले दुःख की एक परत फिर एक परत प्रसन्नता की
सहनशीलता की एक और परत एक परत सुन्दरता
कितनी क़िताबें यहाँ इकट्ठा हैं
दुनिया को बेहतर बनाने का इरादा
और ख़ुशी को बचा लेने की ज़िद |
एक हँसी है जो पछतावे जैसी है,
और मायूसी उम्मीद की तरह |

एक सरलता है जो सिर्फ़ झुकना जानती है,
एक घृणा जो कभी प्रेम का विरोध नहीं करती
आईने की तरह है स्त्री का चेहरा
जिसमें पुरूष अपना चेहरा देखता है,
बाल सँवारता है मुँह बिचकाता है
अपने ताकतवर होने की शर्म छिपाता है
इस चेहरे पर जड़ें उगी हुई हैं
पत्तियाँ और लतरें फैली हुई हैं
दो-चार फूल हैं अचानक आई हुई ख़ुशी के
यहाँ कभी-कभी सूरज जैसी एक लपट दिखती है
और फिर एक बड़ी सी खाली जगह |
तुम्हारा प्रेम मेरी देह में गमकता है। रोम-रोम से आता-जाता-सा लगता है।
कभी-कभी तो पीछा करने लगता हूँ कि ठीक-ठीक कहाँ से बरसता है तुम्हारा प्रेम
तुम्हारी आँखों की चमक से या तुम्हारी गर्म-ठंडी रोटी से,
तुम्हारे खिले हुए होंठों से या तुम्हारी खुली उजली बातों से।
तुम्हारे रंगों भरे पारदर्शी प्रेम में जाग रहा हूँ मैं।
तुम्हारी गहरी उदासी से विकल हूँ।


प्यार धीरे-धीरे होता है


प्यार धीरे-धीरे होता है या एकाएक, सुबह होता है या शाम
प्यार कब होता है, कहां होता है प्यार, बाजार में होता है कि जंगल में
कि घर में ही हो जाता है प्यार

चिट्ठियों में मोबाइल की बातों में या फेसबुक पर गाढ़ा होता है प्यार?
प्यार होने पर कैसा लगता है अच्छा लगता है या बुरा
हँसी आती है कि रोना? प्यार में क्या मिलता है
और क्या पड़ता है खोना

यह क्या है मर्ज है मरहम है नशा है शौक है रिश्ता है या है कोई जादू-टोना
कहाँ जाऊँ-किससे पूछूँ जबसे उससे मिला हूँ नींद अपनी खोई है
वह मिलकर जाते हुए क्यों ऐसे रोई है
प्यार के बारे में लिए तमाम सवाल
छान रहा हूँ कोना-कोना

प्यार होता है एक बार कि जीवन में करना पड़ता है बारंबार
क्या प्यार एक भारी पत्थर है जिसे जीवन भर ढोना पड़ता है लगातार

क्या प्यार करने से इन्सान का हो जाता है बेड़ा पार
प्यार नहीं करने से जीवन कैसे कटता है
क्या प्यार में दिल एक ही बात बार-बार रटता है
जो प्यार नहीं करता उसका जीवन कैसे कटता है
क्या पक्षी-पतंगे-जानवर सब करते हैं प्यार
भद्र लोग कैसे करते हैं, क्या गंवार भी वैसे करते हैं

आप चुप क्यों हैं क्या आपको भी हो गया है किसी से प्यार
सच्चा प्यार गूंगा होता है या झट से कर देता है इजहार
जाइए जनाब ऐसे ही बड़बड़ा रहा हूँ
दरअसल मैं कर रहा हूं किसी का इंतजार...

`I feared...`



`I feared...`

I feared being alone,
Until I learned to like myself.

I feared failure,
Until I realized that I only fail when I don't try.

I feared success,
Until I realized That I had to try In order to be happy with myself.

I feared people's opinions,
Until I learned that people would have opinions about me anyway.

I feared rejection,
Until I learned to have faith in myself.

I feared pain,
Until I learned that it's necessary for growth.

I feared the truth,
Until I saw the ugliness in lies.

I feared life
Until I experienced its beauty.

I feared death,
Until I realized that it's not an end, but a beginning.

I feared my destiny,
Until I realized that I had the power to change my life.

I feared hate,
Until I saw that it was nothing more than ignorance.

I feared love,
Until it touched my heart, making the 
darkness fade into endless sunny days.

I feared ridicule,
Until I learned how to laugh at myself.

I feared growing old,
Until I realized that I gained wisdom every day.

I feared the future,
Until I realized that Life just kept getting better.

I feared the past,
Until I realized that It could no longer hurt me.

I feared the dark,
Until I saw the beauty of the starlight.

I feared the light,
Until I learned that the truth would give me strength.

I feared change,
Until I saw that even the most beautiful butterfly 
Had to undergo a metamorphos is before it could fly.`


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